चेहरा हो या चाँद खिला हो, Chehra Ho Ya Chand Khila Ho Hindi Lyrics

Rate this post

Chehra Ho Ya Chand Khila Ho Hindi Lyrics

फिल्म सागर (1985)
गीत चेहरा हो या चाँद खिला हो
गायक किशोर कुमार
गीतकार जावेद अख्तर
संगीत राहुल देव बर्मन

 

Chehra Ho Ya Chand Khila Ho Hindi Lyrics

चेहरा हो या चाँद खिला हो, जुल्फ धनेरी शाम है क्या
सागर जैसी आँखों वाली ,ये तो बता नाम है क्या 
चेहरा हो या चाँद खिला हो, जुल्फ धनेरी शाम है क्या
सागर जैसी आँखों वाली, ये तो बता नाम है क्या   

अरे तू क्या जाने तेरी खातिर, कितना है बेताब ये दिल 
अरे तू क्या जाने तेरी खातिर, कितना है बेताब ये दिल 
दिल कहता है तू है यहाँ तो जाता लम्हा थम जाए 
वक्त का दरिया बहते बहते इस मंजर में जन जाए 
तूने दीवाना दिल को बनाया, इस दिल पर इल्जाम है क्या 
सागर जैसे आँखों वाली, ये तो तेरा नाम है क्या 
 
हो आज में तुझसे दूर सही, और तू मुझसे अनजान सही 
तेरा साथ नहीं पाऊ तो ,खैर तेरा अरमान सही 
हो ये अरमां है शोर नहीं हो ,ख़ामोशी के मेले हो 
इस दुनिया में कोई नहीं हो ,हम दोनों अकेले हो 
तेरे सपने देख रहा हूँ ,और मेरा अब काम है क्या 
सागर जैसी आखों वाली ,ये तो बता तेरा नाम है क्या 
 
चेहरा हो या चाँद खिला हो, जुल्फ घनेरी शाम है क्या 
सागर जैसी आखों वाली, ये तो बता तेरा नाम हैं क्या 
 
Thankyou🙏🙏🙏

Leave a Comment