Jindagi Dusaron Ke Bharose Motivational Story

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जिंदगी दूसरों के भरोसे नहीं चलती – Motivational Story

एक बार एक आदमी मछली पकड़ने के लिए गया। उसने पूरे दिन मेहनत करी लेकिन उसके हाथ एक भी मछली नही आई। धीरे धीरे दिन भी ढल गया। वो आदमी परेशान हो गया और सोचने लगा की अगर ऐसे ही खाली हाथ घर चला गया तो रात को हम खाएंगे क्या।
 
चिंता के मारे वो जल्दी से मछली बाजार गया और दुकानदार के पास जाकर बोला, “मुझे तीन मछली चाहिए लेकिन एक शर्त है की मुझे तीनों मछलियां जिंदी चाहिए और उन मछलियों को में अपने कांटे से पकडूंगा और उसके बाद खरीदूंगा।”
दुकानदार हैरान हो गया सोचने लगा की कैसा अजीब इंसान है मछली खरीदनी ही तो फिर पकड़ने की मेहनत क्यों करनी। ऐसा सोचकर उसने भी एक बड़ी सी बाल्टी निकाली और उसमे चार पांच जिंदा मछलियां डालकर उस आदमी के आगे रखकर बोला, “ये लो इसमें से अपने लिए मछलियां पकड़ लो।”
 
एक एक करके उसने तीन मछलियां पकड़ी को उस दुकानदार को पैसे दे दिए और जाने लगा।
जाते वक्त दुकानदार ने पूछ ही लिया की, “पहले से पकड़ी हुई मछलियों को दुबारा से पकड़ तुम्हें क्या हासिल हो गया। तुम्हार समय भी बर्बाद हुवा और पैसे भी उतने ही देने पड़े।”
 
वो आदमी बोला, “तुम समझ नही पाओगे, पर मैं किसी से झूठ नहीं बोलना चाहता। जब मैं अपने घर जाऊंगा तो मेरी पत्नी और बच्चे पूछेंगे कि आज कितनी मछली पकड़ी? तो मैं उन लोगों को ये तीन मछली दिखा दूंगा, जिन्हें मैंने खुद पकड़ा है। ऐसा करके मैने खुद को भी ये एहसास दिलाया की आज मैं नाकामयाब नही रहा और कल मैं एक नई उम्मीद के साथ मछली पकड़ने निकलूंगा ताकि मैं आज की तरह नाकामयाब ना रहूं।”

सीख जो हमें इस इंस्पिरेशनल स्टोरी से मिलती है –

दूसरों के सहारे हम अपनी जिंदगी के दो चार दिन तो निकाल सकते हैं लेकिन किसी के भरोसे हम सारी जिंदगी नही निकाल सकते। आज भले ही कोई मुसीबत में आपका साथ दे दे लेकिन आने वाले कल की कठिनायों को आपको खुद ही झेलना है।
 
Thankyou…🙏🙏🙏

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