कन्धों से मिलते हैं , Kandhon Se Milte Hain Hindi Lyrics

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Kandhon Se Milte Hain Hindi Lyrics

फिल्म लक्ष्य(2004)
गीत कन्धों से मिलते हैं कन्धे
गायक शंकर महादेवन, सोनू निगम, हरिहरन, रूप कुमार राठौड़, कुणाल गांजावाला, विजय प्रकाश
गीतकार जावेद अख्तर
संगीत शंकर ईशान लॉय

 

Kandhon Se Milte Hain Hindi Lyrics

कन्धों से मिलते हैं कन्धे, कदमों से कदम मिलते हैं
हम चलते हैं जब ऐसे तो, दिल दुश्मन के हिलते हैं
 
कन्धों से मिलते हैं कन्धे, कदमों से कदम मिलते हैं
हम चलते हैं जब ऐसे तो, दिल दुश्मन के हिलते हैं
 
अब तो हमें आगे बढ़ते है रहना
अब तो हमें, साथी है बस इतना ही कहना
अब तो हमें आगे बढ़ते है रहना
अब तो हमें, साथी है बस इतना ही कहना
अब जो भी हो, शोला बनके पत्थर है पिघलाना
अब जो भी हो, बादल बनके परबत पर है छाना
 
कन्धों से मिलते हैं कन्धे, कदमों से कदम मिलते हैं
हम चलते हैं जब ऐसे तो, दिल दुश्मन के हिलते हैं
कन्धों से मिलते हैं कन्धे, कदमों से कदम मिलते हैं
हम चलते हैं जब ऐसे तो, दिल दुश्मन के हिलते हैं
निकले हैं मैदां में हम जाँ हथेली पर लेकर
अब देखो दम लेंगे हम जाके अपनी मंज़िल पर
खतरों से हँस के खेलना, इतनी तो हममें हिम्मत है
मोड़े कलाई मौत की, इतनी तो हममें ताक़त है
हम सरहदों के वास्ते लोहे की इक दीवार हैं
हम दुश्मनों के वास्ते होशियार हैं, तैयार हैं
अब जो भी हो, शोला बनके पत्थर है पिघलाना
अब जो भी हो, बादल बनके परबत पर है छाना
 
कन्धों से मिलते हैं कन्धे, कदमों से कदम मिलते हैं
हम चलते हैं जब ऐसे तो, दिल दुश्मन के हिलते हैं
 
जोश दिल में जगाते चलो, जीत के गीत गाते चलो
जोश दिल में जगाते चलो, जीत के गीत गाते चलो
जीत की जो तस्वीर बनाने हम निकले हैं
अपनी लहू से हमको उसमें रंग भरना है
साथी मैंने अपने दिल में अब ये ठान लिया है
या तो अब करना है, या तो अब मरना है
चाहे अंगारें बरसे के बिजली गिरे
तू अकेला नहीं होगा यारा मेरे
कोई मुश्किल हो या हो कोई मोर्चा
साथ हर मोड़ पर होंगे साथी तेरे
अब जो भी हो, शोला बनके पत्थर है पिघलाना
अब जो भी हो, बादल बनके परबत पर है छाना
 
कन्धों से मिलते हैं कन्धे, कदमों से कदम मिलते हैं
हम चलते हैं जब ऐसे तो, दिल दुश्मन के हिलते हैं
 
इक चेहरा अक्सर मुझे याद आता है
इस दिल को चुपके-चुपके वो तड़पाता है
जब घर से कोई भी ख़त आया है
कागज़ को मैंने भीगा-भीगा पाया है
हो ओ पलकों पे यादों के कुछ दीप जैसे जलते हैं
कुछ सपने ऐसे हैं, जो साथ-साथ चलते हैं
कोई सपना ना टूटे, कोई वादा ना टूटे
तुम चाहो जिसे दिल से, वो तुमसे ना रूठे
अब जो भी हो, शोला बनके पत्थर है पिघलाना
अब जो भी हो, बादल बनके परबत पर है छाना
 
कन्धों से मिलते हैं कन्धे, कदमों से कदम मिलते हैं
हम चलते हैं जब ऐसे तो, दिल दुश्मन के हिलते हैं
 
चलता है जो ये कारवाँ, गूंजी सी है… ये वादियाँ
है ये ज़मीं(गूंजी गूंजी), ये आसमां (गूंजी गूंजी) 
 
है ये हवा (गूंजी गूंजी), है ये समां (गूंजी गूंजी) 
हर रस्ते ने, हर वादी ने, हर परबत ने, सदा दी
हम जीतेंगे, हम जीतेंगे, हम जीतेंगे, हर बाज़ी
 
कन्धों से मिलते हैं कन्धे, कदमों से कदम मिलते हैं
हम चलते हैं जब ऐसे तो, दिल दुश्मन के हिलते हैं
कन्धों से मिलते हैं कन्धे, कदमों से कदम मिलते हैं
हम चलते हैं जब ऐसे तो, दिल दुश्मन के हिलते हैं
कन्धों से मिलते हैं कन्धे, कदमों से कदम मिलते हैं
हम चलते हैं जब ऐसे तो, दिल दुश्मन के हिलते हैं
कन्धों से मिलते हैं कन्धे, कदमों से कदम मिलते हैं
हम चलते हैं जब ऐसे तो, दिल दुश्मन के हिलते हैं
 
Thankyou…..🙏🙏🙏
 

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