ओडम त्योहार का महत्व, Odam Tyohar Ka Mahatv

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Odam Tyohar Ka Mahatv

केरल में  है मची ओडम की धूम शोभायात्रा की सुरुआत, क्या है ओडम की पीछे की कहानी, हर राज्य में त्योहारो की अपनी अलग पहचान होती है त्योहारो को लहर लोगो के दिलो में एक अलग सा जसं होता है.ओणम जिसे मलयालम भाषा में थिरुवोणम भी कहते हैं, ओडम 10 दिनी तक चलने वाला त्योहार है. ओणम को खासतौर पर खेतों में फसल की अच्छी उपज के लिए मनाया जाता है
 
Odam Tyohar Ka Mahatv
 

ओडम कब मनाया जाता है ?

ओणम का त्योहार चिंगम (अगस्त) महीने में मनाया जाता है. चिंगम को मलयालम लोग साल का पहला महीना मानते हैं. ओडम ओ त्योहार है जिसका इंतजार केरल में हर कोइ बेसब्री से करता है, जब ओडम की तारीख आती है.  तो उससे कई दोनी पहले से ही घरो में तयारिया सुरु की जाती ही, ये त्योहार केरल में 10 दिनों तक मनाया जाता है, इस साल ये त्योहार 20 अगस्त से मनाया जा रहा है 10 दिन चलने वाले इस त्योहार को घरो को लोग फूलो से सजाते है क्युकी केरल अपनी हरियाली और  सुंदर दृश्यों के लिए जाना जाता है, ऐसे में लोग अपने घरो को भी उसी तरह सजाते है, उसके बाद कई तरह के पकवान बनाये जाते है.  इसमें पचडी, रसम , पुलिसेली, एरिसेरी, खीर और अबिअल आदि सामिल है 

केरल के लोग ओडम त्योहार के दौरान केवल दूध से 18 व्यंजन बनाते है , इस मौके पे देश दुनिया  के लोग केरल में घुमने आते है, ओडम में हाथियों के सजाकर शोभायात्रा निकाली जाती है

ओडम 2023 त्योहार का महत्व !

ओडम क्यों मनाया जाता है ?

अब हम आपको बताते है ओडम को मानाने की वजह और महत्व क्या है ? ओडम को मानाने की वजह और महत्व ये है की एक महाबली नाम का असुर थे वो अपनी प्रजा का बहुत ख्याल रखते थे यही कारण था की उसकी प्रजा उनकी देवताओ की तरह पूजा करती थी.

एक बार श्री हरी वामन रूप में रजा बलि के पास गए और रजा बलि से तीन वचन मांगे, वचनों को पूरा करने के लिए रजा बलि को पाताल लोक जाना पड़ा था इससे उनकी प्रजा काफी दुखी हुई, इस प्रेम को देखकर श्री हरी काफी प्रसन हुए और उन्होंने ये वरदान दिया कि वे साल में एक बार अपनी प्रजा से मिलने आ सकिंगे, ऐसा माना जाता है की इसी वजह से ओडम का त्योहार मनाया जाता है क्युकी राजा बलि इस मौके पे मिलने आते है और अपनी प्रजा के दुखु को दूर करते है, तभी से ओडम का त्योहार मनाया जाने लगा, इस मौके पे संगीत गाते और बजाते है, और संगीत की धुन पर नाचते है, साथ ही इस मौके पे कई तरह के खेल कूद भी होते है जिसमे से नावो  की दोद सबसे फेमस होता है  

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धन्यवाद

कृष्णव कोठारी

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