शाम भी खूब है पास मेहबूब है,Sham Bhi Khub Hai Lyrics in Hindi

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Sham Bhi Khub Hai Lyrics in Hindi

फिल्म कर्ज़-द बर्डन ऑफ ट्रुथ
गीत शाम भी खूब है
भाषा हिन्दी
गायक कुमार शानू, उदित नारायण, अलका याग्निक
गीतकार समीर
संगीत संजीव,दर्शन
स्टारकास्ट सुनील शेट्टी, सनी देओल, शिल्पा शेट्टी

 

Sham Bhi Khub Hai Lyrics in Hindi

शाम भी खूब है पास मेहबूब है
शाम भी खूब है पास मेहबूब है
ज़िन्दगी के लिए और क्या चाहिए
शाम भी खूब है पास मेहबूब है
आशिकी के लिए और क्या चाहिए
शाम भी खूब है पास मेहबूब है
 
क्या हसीं है समां धड़कने है जवा
क्या हसीं है समां धड़कने है जवा
दोस्ती के लिए और क्या चाहिए
शाम भी खूब है पास मेहबूब है
 
चाँद की चांदनी आसमान की परी
शायरों के लिए तो है एक शायरी
हाँ देखते ही तुझे दिल दीवाना हुआ
चाहतों का शुरू एक फ़साना हुआ
रांग है नूर है चैन है ख्वाब है
रांग है नूर है चैन है ख्वाब है
अब ख़ुशी के लिए और क्या चाहिए
शाम भी खूब है पास मेहबूब है
 
हुस्न है प्यार है दिल है दिलदार है
हुस्न है प्यार है दिल है दिलदार है
बोलती है नज़र चुप है मेरी जुबां
हर किसी की जुड़ा है मेरी दास्तान
न किसी से कभी प्यार मैंने किया
दर्द-इ-दिल न कभी यार मैंने लिया
सांझ है गीत है सुर है संगीत है
सांझ है गीत है सुर है संगीत है
दोस्ती के लिए और क्या चाहिए
शाम भी खूब है पास मेहबूब है
ज़िन्दगी के लिए और क्या चाहिए
शाम भी खूब है पास मेहबूब है
आशिकी के लिए और क्या चाहिए.
 
Thankyou…🙏🙏🙏
 

 

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